भूलने वाले से कोई कह दे ज़राइस तरह याद आने से क्या फ़ायदा
जब मेरे दिल की दुनिया बसाती नहीं
फिर ख्यालों में आने से क्या फ़ायदा
क्या कहूँ आपसे कितनी उम्मीदें थी
आप क्या बदले, दुनिया बदल सी गई
आसरा दे के दिल तोड़ते हैं मेरा
इस तरह सताने से क्या फ़ायदा
चार तिनके जला के क्या मिल गया
मिट सका ना ज़माने से मेरा निशान
मुझ पे बिजली गिराओ तो जानू सही
आशियाने पे गिराने से क्या फ़ायदा...
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