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Wednesday, January 20, 2016

चाह....

ऐसा नहीं कि मुझे आज चाँद चाहिये,
मुझको तो बस तुम्‍हारे प्‍यार में विश्‍वास चाहिये,
न की है कभी भी ख्‍वाहिश मैंने सितारों की,
ख्‍वाबों में बस तुम्‍हारा दीदार चाहिये..

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