ऐसा नहीं कि मुझे आज चाँद चाहिये, मुझको तो बस तुम्हारे प्यार में विश्वास चाहिये, न की है कभी भी ख्वाहिश मैंने सितारों की, ख्वाबों में बस तुम्हारा दीदार चाहिये..
No comments:
Post a Comment