कुछ ख़ास है.. कुछ ख़ास है..
तेरे पास होने का जो एहसास है..
हाँ.. कुछ खास है..
तू पास है.. मेरे आसपास है..
कुछ ख़ास है..
एहसास है..
तेरे मेरे बीच में जो होती बतियाँ..
याद करूँ तुझको तू जगाये रतियाँ..
आजा पास अब तू ओ मेरी तू प्रिया..
तुझसे मिलने को तरसे ये जिया..
कुछ खास है..
एहसास है...!

