लोग कहते हैं मुझे प्यार सिखाना आये,
मैं जो गा दूँ तो वही सारा ज़माना गाये....
फिर भी एक गीत है जो प्राणों में चुपचाप पड़ा,
कई जन्मों से मेरे होंठो पे आना चाहे.....
आखिरी गीत वही मुझसे गवा दे सावन,
इश्क बुझता है इसे कुछ तो हवा दे सावन....
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Saturday, May 21, 2016
Barish by kumar viswas
Sunday, May 1, 2016
अन्नदाता की सुनो...
जमीन जल चुकी है,आसमान बाकी है
ऐ दरख्तों तुम्हारा इम्तेहान अभी बाकी है ।
वो जो खेत की मेड पर उदास बैठे हैं
उन्ही की आंखो में ईमान अभी बाकी है ।
पूरे मुल्क को खिलाने के चक्कर में भूखे सो गए जिसके बच्चे
ऊस मजबूर लाचार किसान की जवान बेटी का कन्यादान अभी बाकी है ।
बादलों अब तो बरस आओ सूखी फसलों पर
किसी का मकान गिरवी, तो किसी की अभी लगान बाकी है ।।
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