वो किसी और को सोचे तो बुरा लगता है !
वो किसी और को देखे तो बुरा लगता है !
मेरी आँखों को सिर्फ़ तारीफ़ उसकी चाहिए !
कोई उसको गर अच्छा भी कह दे तो बुरा लगता है !
उसको कोई और अगर देखे तो हो गवारा कैसे !
उसका कोई जो नाम भी ले ले तो बुरा लगता है !
मेरी आँखो में क्या सूरत नहीं दिखती उसको !
अब अगर वो आईना भी देखे तो बुरा लगता है !
उसको कह दो के सर-ए-शाम ना घर से निकले !
साथ साया भी चले उसके तो बुरा लगता है !
चिढ़ सी होती है उसके "हाथ की घड़ी" से मुझे !
हो रही है देर घर जाने में कहती है तो बुरा लगता है !
उससे कहदो के आँखो में ना सुरमा डाले !
उसकी आँखो में कोई और समाये तो बुरा लगता है !
मैंने खोल के रख डाले वर्क सभी दिल के !
फ़िर भी वो हमसे कुछ छुपाये तो बुरा लगता है !!
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Tuesday, April 23, 2019
हाँ... बुरा लगता है!
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